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ललन कुमार के कुकर्मों में उसकी पत्नी कनक भी है राजदार!

  • बीते 8 मार्च को एक बच्चे की मां कनक से पटना में रचायी थी शादी
  • इस विवाह में शरीक हुए थे बिहार के कई आईपीएस अधिकारी
  • ललन की साजिश का शिकार हुए दंपत्ति के परिजन पहुंचे पटना
  • मात्र 12वीं पास ललन पर है गंभीर धाराओं में कई मुकदमें दर्ज

आभार वरिष्ठ पत्रकार विनायक विजेता- पटना के एक स्वर्ण व्यवसायी से 80 लाख रुपये मूल्य का जेवर लेकर उसे फर्जी चेक थमाने व स्टेशन डायरी में हेरफेर कराने के मामले में फरार आरोपित यूवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार यादव के कुकर्मां में उनकी पत्नी भी बराबर की राजदार और साझीदार है। यह दावा और आरोप है ललन के साजिशों का शिकार हुए गुड़गांव के एक दंपत्ति के परिजनों का।

ललन ने बीते 8 मार्च को दिल्ली की हरिनगर निवासी व मैक्स में कार्यरत सवर्ण से आने वाली जाति कनक शर्मा के साथ अंर्तजातीय विवाह किया था। राजधानी के पटना क्लब में आयोजित इस विवाह सह रिशेप्शन में तब कई आईपीएस अधिकारी व राजनेता जुटे थे। कनक शर्मा की ललन कुमार से दूसरी शादी है। पूर्व से ही एक 10 वर्षीय बच्चे की मां है।

ललन कुमार ने खुद तो पटना के कोतवाली थाना में गुड़गांव के एक दंपत्ति निर्भय सिंह व उनकी पत्नी मिथिलेश कुमारी पर मुकदमा दर्ज करा ही रखा है अपने दो परिचितों द्वारा इस दंपत्ति पर नौकर के नाम पर पैसा लेने के दो अलग-अलग मामले डुमराव (बक्सर) में करा दिया। बीते वर्ष से ही निर्भय इन मामले में जहां पटना के बेऊर जेल में बंद हैं वहीं उनकी पत्नी बक्सर जेल में जिनकी जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई्र होनी है।

”बीते दिनों जब हमने फरार ललन कुमार से संबंधित खबर ‘जिनके घर में सजता था पुलिस का दरबार, आज वही हैं गिरफ्तारी के डर से फरार’ पढ़ने के बाद पटना बिहार पुलिस और न्यायालय से न्याय की आशा लिए निर्भय सिंह के ससुर सह रिटार्यर्ड फौजी पटना पहुंचे और हमारे साथ अपना दर्द साझा किया।”

उन्होंने बताया कि उनके व्यवसायी दामाद या बेटी दोनों में से कोई ललन को नहीं जानते थे हां कनक शर्मा का उनके गुड़गांव स्थित घर में आना- जाना था। कनक शर्मा ही बीते वर्ष ललन को लेकर उनके घर गई थी जिससे ललन का परिचय उनके परिवार से हुआ। यह तब की बात है जब ललन और कनक की शादी नहीं हुई थी। उनके दामाद के घर में कनक और ललन के आने जाने के क्रम में ही ललन और कनक ने एक दूसरे कार्य के लिए उनके दामाद द्वारा हस्ताक्षर कर रखे को चेकबुक चुरा ली और बाद में के कोतवाली थाना में 17 लाख 50 हजार रुपये के लेन-देन और चेक बाऊंस होने का फर्जी मामला दर्ज करा दिया। ललन को इतने से ही संतोष नहीं हुआ। उसने अपने करीबी व परिचित चंदन कुमार और विक्रान्त कुमार से बक्सर के ब्रह्म्पुर थाना में उनके दामाद और बेटी पर नौकरी के नाम पर पैसा लेने के दो अलग मामले दर्ज करवा दिए।

इसके अलावा पटना के बुद्धा कॉलोनी में भी किसी धैर्य कुमार से भी उन दोनों पर एक झूठी प्राथमिकी दर्ज करवा दी। ललन कुमार कितना शातिर है इसका अंदाजा उनके फेसबुक एकाउंट से लगाया जा सकता है। अपने एफबी वॉल पर ललन ने खुद को पटना विश्वविद्यालय से पासआऊट बताया है जबकि हकीकत यह है कि वह मात्र 12वीं कक्षा पास हैं। इसका उल्लेख उन्होंने 2015 में अपने चुनावी हलफनामे में किया है।

ललन ने सुल्तानगंज से पिछला विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में लड़ा था जहां उनकी जमानत जप्त हो गई थी। 80 लाख की धोखाधड़ी सहित ललन पर पटना के कोतवाली थाना में 3 मामले सहित पटना के बुद्धा कॉलोनी, बरौनी जीरो माईल पीएस और मुजफ्फरपुर सदर थाना में कूल मिलाकर आधा दर्जन मामले दर्ज हैं।

कई मामले में वह चार्जशीटेड है तो कई मामलों में कोर्ट ने उनपर दर्ज मामलों में संज्ञान ले रखा है। अपने दामाद और बेटी के केस में पैरवी करने पटना आए निर्भय सिंह के रिटायर्ड फौजी ससुर इस बात को लेकर भी सशंकित हैं कि कहीं ललन अपने गुर्गों द्वारा उनपर पटना या बक्सर में हमला न करवा दे।

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